चाँद
चाँद
1 min
690
बचपन में
सुनी थी
एक कहानी
चाँद पर
चरखा कातती है
बुढ़िया रानी
विज्ञान पढ़ा
तो पाया
फिर प्रश्न
मन में आया
न हवा, न पानी
फिर कैसे रही होगी
बुढ़िया सयानी
किसी को चाँद में
दाग नज़र आता है
तो कोई उसे
माहताब कहकर
बुलाता है
आसमान में
चंदा संग चमकते
अनगिनत तारे हैं
रात्रि में लगते
सुंदर सुंदर
प्यारे प्यारे हैं
गौर से देखो तो
प्रकृति का
अजब नज़ारा है
चाँदनी बिखेरता चाँद
इक अद्भुत सितारा है
