STORYMIRROR

Pinky Dubey

Others

3  

Pinky Dubey

Others

चाह ऐसी भी

चाह ऐसी भी

1 min
291

चाह ऐसी है की 

थोड़ा मिले तो और चाहता है

चाह ऐसी है की

थोड़ा मिले तो और चाहता है

ओर मिले तो आदत बन जाती है

 ना मिले तो छीनना चाहती है 

देख देख कर लालच बन जाती है

चाह ऐसी है की किस्मत बन जाती है

चाह तो उस सिपाही की है जो भारत माता पर

मरना चाहती है परिवार होके भी भारत को चाहती है

अपने बच्चे छोड़ दुसरे के बच्चे को बचाना चाहती है 

लालच अपनी भारत माता की है

मर कर भी भारत के लिये फिर मरना चाहती है

गोली काकर फिर भी लड़ना चाहती है

पैर कट जाए तो  भी भारत के लिये मर मिटना चाहती है 

सलाम है उन सिपाहीओ पर जो खुद

अपना परिवार त्याग कर दूसरों को जीना सिखाते है 

चाह ऐसी है की सिपाही तुझे देख

अपने सारे गम भुलाकर फिर ज़िन्दगी जीना चाहती है 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन