Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

बरसात

बरसात

1 min
272



आई बरसात जब,

नदी नाले भरे सब

मधुर ध्वनि से सारी

धरा गूँज रही है।


दादुर पपीहा बोले

मोर नाचे पंख खोले

रिमझिम बूंदों ने भी

कथा आज कही है।


सूरज की अगन से

हुई थी तपन घोर

मिट गई व्यथा वो जो

अब तक सही है।


उमड़ घुमड़ घन

बरसत झमाझम

हर घर आँगन से

गंगा आज बही है।



Rate this content
Log in