STORYMIRROR

Dr Lal Thadani

Others

3  

Dr Lal Thadani

Others

अतीत और भविष्य

अतीत और भविष्य

1 min
141

जाने क्यों अतीत 

मेरा पीछा नहीं छोड़ता

मैं चाहते हुए भी कभी 

वर्तमान में नहीं होता

जाने क्यों भविष्य की 

चिंता में भी नहीं सोता

क्यों अतीत को में

रद्दी कागज सा संजोता

जो मेरे वर्तमान को 

दीमक की तरह है कचोटता

भविष्य को संवरने से है रोकता

जान ले जीवन टिशू पेपर नहीं होता

क्यों बेवजह इसे तू खोता

हर पल तेरा है स्वर्णिम पल

जो है सोता वो सदा को रोता



Rate this content
Log in