आसमान से उतरा अजूबा
आसमान से उतरा अजूबा
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आसमान से उतरा अजूबा,
ना चंदा ना तारा दूजा।
लाल हरा है उसका रंग,
जो कर देता शांति भंग।
पशु या पंछी सब डर जाते,
जो भी उसको देखने आते।
उजाला है थोड़ा सीधा और टेढ़ा,
शायद पार लगा दे बेड़ा।
एक पशु को ऊपर उठाया,
जंगल में हाहाकार मचाया।
घना घोर छाया है अंधेरा,
पशु कहे ये कैसा सवेरा?
कैसा है यह अजीब सवेरा,
दिखाएगा वो घोर अंधेरा।
पेड़ पत्ते कुछ हिल न पाया,
पशु गया वो मिल न पाया।
आसमान से उतरा अजूबा,
ना चंदा ना तारा दूजा।
