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Mr. Akabar Pinjari


5.0  

Mr. Akabar Pinjari


*आरज़ू*

*आरज़ू*

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तेरी प्यार की खुशबू में न जाने क्यों खींचा चला आता हूँ,

मैं सितारों की तरह टिमटिमाता रहता हूँ ।


तेरे आने से महकता है दर हमेशा मेरा,

मैं दौड़कर तेरा हमसफ़र होने को चला आता हूँ ‌।


तू बख्श दे मेरी खताओं के फसाने,

मैं वफ़ा के मोतियों में, धागा पिरोए जाता हूँ ।


और तमन्ना तुम्हें पाने की ना थी, ना है,

मैं तो सिर्फ कुछ पल का, तेरा साथ चाहता हूँ ।


ना तू पास आ मुझ तक, ना मैं दूर जाता हूँ,

तू मेरी नहीं होगी पता है , पर मैं तेरा होना चाहता हूँ ।


ऐतबार ना होगा तुझे गर मुझ पर, तो आज़मा ले,

मैं तेरे खातिर, सरेआम नीलाम होना चाहता हूँ ।


याद रख, इश्क को तेरे बदनाम ना होने देंगे,

मर जाएंगे, पर तेरे तसव्वुर की शाम ना होने देंगे ।


और ना कर आजमाईश मेरी वफ़ा की जानेमन,

मैं सच्चे प्यार के सिक्कों सा खनखनाता रहता हूँ ।


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