आज बेटेका जन्मदिन है घरमे
आज बेटेका जन्मदिन है घरमे
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आज मेरे बेटे भैरव का जन्मदिन है
मैं उसे मेरी ये कविता भेट करता हूँ।
आज बेटे का जन्मदिन है घर में त्योहार है
घर के हर एक कोने में आनंद की बौछार है ।
सब पूछता है राय उनकी बात में अहमियत है
जब वो करता बात लगता वो समझदार है ।
रोशनी है घर की उजाला है हरदम जीवन का
परछाई बन के घूमता जाने वो पहरेदार है ।
लगता है एक एक से जुड़ी है घर की कड़ियाँ
आज सबको लगता है ये घर आबरूदार है ।
