थोड़ा बहुत पढ़ने लिखने का शौक है तो भावों को कलमबद्ध कर मन शान्त हो जाता है
सोचती हूँ <br> आज एक मनभावनी <br> सुंदर सी कविता लिखूँ<br> पर सामने आ जाता है <br> सोचती हूँ <br> आज एक मनभावनी <br> सुंदर सी कविता लिखूँ<br> पर सामने आ जाता है <b...
क्या तुम्हे नहीं याद परसों नेता जी ने यहीं भाषण दिया था इसे अमेरिका बना दिया जायेगा क्या तुम्हे नहीं याद परसों नेता जी ने यहीं भाषण दिया था इसे अमेरिका बना दिया ज...
बहुत कठिन है खुद को सम्हालना बहुत कठिन है दिल को समझाना बहुत कठिन है खुद को सम्हालना बहुत कठिन है दिल को समझाना
मुझे डर लगता है कभी आठ माह की बच्ची के रूप में कभी अस्सी वर्ष की मुझे डर लगता है कभी आठ माह की बच्ची के रूप में कभी अस्सी वर्ष की
जीवन के पृष्ठ बदलते ही जा रहे हैं जरा जल्दी जल्दी ही शायद कुछ आपाधापी में जीवन के पृष्ठ बदलते ही जा रहे हैं जरा जल्दी जल्दी ही शायद कुछ आपाधापी में
युद्ध होता है कौन कहता है युद्ध सीमाओं पर होता है ? जब भी युद्ध होता है युद्ध होता है कौन कहता है युद्ध सीमाओं पर होता है ? जब भी युद्ध होता है
भूलना चाहती हूँ तुम्हारी आपेक्षाएँ झूठे वायदे कड़वी यादें भूलना चाहती हूँ तुम्हारी आपेक्षाएँ झूठे वायदे कड़वी यादें
जब भी सहारा चाहिये मेरे हाथ बढ़े पाओगे जब भी सहारा चाहिये मेरे हाथ बढ़े पाओगे
मन मे मेरे बैठी थी एक कविता। मन मे मेरे बैठी थी एक कविता।
व्यवस्था बनाने की हिम्मत टूट चली थोड़ी थकान बढ़ चली। व्यवस्था बनाने की हिम्मत टूट चली थोड़ी थकान बढ़ चली।