ख़्वाहिश आसमाँ छूने की
ख़्वाहिश आसमाँ छूने की
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आभास हमें जीवित बनाता है,
प्रयास हमें जीना सीखा देता है,
ख़्वाहिश ऐसी करो यारों,
कि आसमान छू सको,
दुआ ऐसी करो,
कि ईश्वर को पा सको,
यूं तो जीने के लिए,
पल बहुत सीमित हैं,
पर जियो ऐसे कि,
हर पल में जिंदगी पा सको।
ना जरूरत रखो सितारों की,
ना जरूरत रखो फालतू यारों की,
ना रखो ईगो, और ना एटीट्यूड,
रखना ही है तो हौसला रखो,
बस एक दोस्त रखो हमारे जैसा,
जो वाट लगा दे हजारों की।
यारों किसी के पास ईगो है,
किसी के पास एटीट्यूड है,
पर मेरे पास तो मेरा हौसला है,
और वो भी बड़ा कूट-कूट के है।
