Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
मैं बनी तुलसी
मैं बनी तुलसी
★★★★★

© Saroj Tiwari

Others

1 Minutes   6.6K    5


Content Ranking

मैं खजूर  इतराऊँ

अपनी उँचाई पर

मैं ताड़ और नारियल

लहराऊँ इस गुमान में

फलों से लदे हुऐ

आम ,अमरूद ,सेब

और अनार

अपने घमण्ड में चूर

एक छोटी सी आँधी आई

और मैं .......................

अस्तित्व विहीन हो गई

..................................

फिर मैं तुलसी बनी

ना कोई गुमान

ना अहंकार ना

कोई घमण्ड

आँधी आऐ या तूफ़ान

अडिग और स्थिर हूँ

प्रभु के चरणों में

चढ़ाई जाती हूँ

और पूजी जाती हूँ ।।।

 

 

 

tulsi

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..