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Yogita Mokde

Others

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Yogita Mokde

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सरस्वती वंदना

सरस्वती वंदना

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शरण तुला वाग्देवी माते सरस्वती 

वर्षावी कृपा याचीते अल्पमती।धृ। 


तिमिरातुनी ज्ञानप्रकाश दे 

जळो दंभ मृत्तिकेस आकार दे।

ज्ञान शलाका जाळूनी अंतरी 

ज्ञानार्जनाची बुभूक्षा दे ।।

शरण तुला ......


सुसंस्कृत वाणी मधुर धार दे

संतोषावा जीव मधूसार दे।

ज्ञानसंस्कार देवूनी अंतरी

जीव्हेला जीव्हाळ्याचा आधार दे।।

शरण तुला........


कमलासनी श्वेतधारी आशिष दे

हस्ते स्फाटिकमाला सात्विकता दे।

लोपूनी अहं उदारता अंतरी

चरणी तुझीया स्थान दे।।


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