STORYMIRROR

Deepali Mathane

Others

3  

Deepali Mathane

Others

गाव माझा (अभंग)

गाव माझा (अभंग)

1 min
276

गावकरी माझा। भजनात दंग

सावळे श्रीरंग। रूप हासे।।१।।


गोमाय अंगणी। घरोघरी दिसे

श्रध्दाभाव वसे। तिच्या ठायी।।२।।


शेणाच्या सड्याने। अंगण सजले

रंगात भिजले। रांगोळीच्या।।३।।


दही-दूध-लोणी।सुख-समृद्धीची

वार्ता सन्नीतीची। गावोगावी।।४।।


आजी-आबासवे। राबती शेतात

वसा दिन-रात। घेतलासे।।५।।


घरकुल हासे। एकत्र नांदून

थोरांसी वंदून। घरी-दारी।।६।।


दुःखाचे आहेर। वाटूनीया घेती

धावूनीया येती। संकटात।।७।।


पिंपळाच्या पारी।भरे पंचायत

आजता-गायत। हीच प्रथा।।८।।


ज्ञानज्योत लावी। शिक्षणाची कास

अभ्यासाचा ध्यास। बालकांसी।।९।।


धरण तुडुंब। पाणी अडवूनी

शेतीत सोडूनी। मळा पीके।।१०।।


गावाकडे चला। थोर लोक सांगे

फेडू चला पांगे। गावाचीया।।११।।


Rate this content
Log in