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Vimla Jain

Children Stories Inspirational

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Vimla Jain

Children Stories Inspirational

उल्टी टोपी वाले काका

उल्टी टोपी वाले काका

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जब भी वह काका दूर से अपनी पुंगी बजाते हुए आते, सब बच्चे हल्ला करते उल्टी टोपी वाले काका आ गए उल्टी टोपी वाले काका आ गए।

कारण वे एक फटा पुराना हैट जो कहीं मिल गया था कचरे में ,उसके ऊपर एक बो लगी हुई थी।

उसको उल्टा पहनकर थोड़ा फनी सा अपना लुक बना कर आते थे।

सारे बच्चे उनको देख कर के खुश होते और उनके चारों तरफ इकट्ठे हो जाते।

और रोड पर लोग भी इकट्ठा हो जाते और वे अपने करतब दिखाते रहते ,

और सब को हंसाते रहते हैं।

एक बार की बात है, मेरे मन में यह बात आई कि यह काका हमको इतना हंसाते हैं ,

तो फिर खुद कितने खुश होते होंगे तो मैं उनके पीछे पीछे उनके घर की तरफ चल दिया।

थोड़े दूर जाने पर उन्होंने पीछे मुड़कर देखा,

उन्होंने देखा कि मैं उनके पीछे चल रहा हूं तो वह रुक गए।

मैंने उनसे अपने मन की बात बताई और पूछा काका आप तो बहुत खुश मिजाज हो।

कहां रहते हो आपका परिवार सब ,

तब उन्होंने अपनी व्यथा बताई कि वे कितने गरीब हैं। उनकी बीमार बच्ची और बीमार बीवी की तीमारदारी करने के लिए पैसा कमाने के लिए झूठा मुखौटा लगाकर झूठी टोपी लगाकर लोगों के सामने हंस कर अपने तमाशा दिखाते हैं।

और लोगों को लगता है कि यह कितना हंसमुख और तमाशे वाला है ,पीछे की व्यथा सच में कोई नहीं जान पाता है।

सुन कर के बहुत दुख हुआ वैसे ही उनकी थोड़ी मदद करनी चाही तो, उन्होंने मना करा लेना।

खुद्दारी से जीने वालों में हूं मैं अपनी मेहनत से पैसा कमा कर मेरी बच्ची और पत्नी का इलाज कराने वालों में से हूं।

मुझे किसी की भीख नहीं चाहिए। मुझे उन पर बहुत मान हुआ।

उसके बाद रोज मैं अपनों का अपने दोस्तों के साथ उनका करतब देखता और उनको थोड़े पैसे डालता। वह अपना हैट सामने करते और मैं और मेरे दोस्त थोड़े पैसे डालते हैं।

मन में संतोष रहता कि थोड़ी सी मदद तो हम भी कर रहे हैं।

मगर मन की व्यथा सुनकर के मन में बहुत ही दुख हुआ। और लगा कि हर तमाशा करने वाले इंसान की कोई ना कोई मजबूरी होती है।

तभी वह ऐसे ऐसे काम करते हैं।

जो जोकर का काम करते हैं वास्तव में उनके कोई ना कोई मजबूरी होती होगी तभी लोगों को हंसाते हैं और खुद रोते हैं।

उन काका की टोपी दूर से ही बता देती थी कि टोपी वाले काका आए हैं ऐसी बोलती टोपी थी उनकी और ऐसी वेशभूषा थी उनकी कि मैं आज तक नहीं भूला।



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