STORYMIRROR

Anita Koiri

Others

2  

Anita Koiri

Others

शिक्षा

शिक्षा

1 min
146

शिक्षा विभाग कोरोनावायरस के कारण अत्यधिक मात्रा में आहत हुआ है। महामारी फैलने से स्कूल कालेज कोचिंग सेंटर सब कुछ बंद हो गया। शिक्षा का पैमाना पहले से ही डांवाडोल चल रहा था अब यह बिल्कुल ही ठप्प हो चुका है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों के पास आई सी टी की सुविधा नहीं है और प्राइवेट स्कूलों के पास शिक्षक को देने के पैसे नहीं हैं लेकिन छात्रों से पैसे ऐंठने का पूरा इंतजाम किया गया है। आनलाइन कक्षाओं में ही बच्चों का आगे का भविष्य दिख रहा है। कितनी ही परीक्षाएं टाली जा रही है लेकिन इसका नतीजा बड़ा ही महत्व रखेगा। जिन बच्चों की परीक्षाएं विशेषकर बोर्ड परीक्षा नहीं हुई वे किस प्रकार से कमपीटीशन में आएंगे ये देखना होगा।


चुनाव से कोरोना नहीं फैलता, स्कूल खुलने से फैल जाता है।

तो स्कूलों को शिफ्ट में चलाया जाए। सप्ताह में सातों दिन। सुबह से शाम तक, जरूरत पड़ने पर शिक्षक भर्ती कराया जाए । ताकि इन दोनों सालों की भरपाई हो। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन