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himani Bhatt

Others

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himani Bhatt

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पिता को भी बच्चे की भूख

पिता को भी बच्चे की भूख

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अंकिता अपने रोजमर्रा के काम को निपट कर सोने की तैयारी कर रही थी बच्चे को सुला कर वह भी सो गई, कुछ समय बाद बच्चे की नींद खुली चीख चीख रोने लगा समझ नहीं आ रहा क्या हुआ? अंकिता को रहा नहीं गया उसने ग्राइप वॉटर दीया पेट पर हींग लगाई घरेलू उपचार किए कोई असर नहीं हुआ, उसके पिता ने उसे एक बिस्किट दिया बिस्किट खाते ही रोना बंद हो गया।

अंकिता हँस के लोटपोट हो गई, हे भगवान में इतना भी नहीं समझ पाई।


(माँ को ही नहीं पिता को भी बच्चों की भूख एहसास होता है।)



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