जान से प्यारी है दोस्ती
जान से प्यारी है दोस्ती
दोस्ती का मतलब है हम और हमारे दोस्तों के बीच कोई दीवार नहीं होनी चाहिए। दोस्ती एक निस्वार्थ प्यार का जज्बा है दोस्तों में इतना ज्यादा प्यार होता है। सच्चे दोस्त बहुत किस्मत वालों को मिलते हैं। हम उतने ही किस्मत वाले हैं,
कि प्यारे दोस्तों से प्यारी है हमारी यारी । पहली दोस्ती हमारी खुदसे है
बहुत ही पुरानी है हमारी यारी।
जिंदगी की राह में चलते चलते बहुत लोग मिले बहुत बिछड़े। मगर सच्चे दोस्त उनको तो हमने ढूंढ ही निकाला है ।
जिस तरह से एक माला के बिखरे मोती अलग अलग हो जाते हैं और उनको ढूंढ ढूंढ कर के एक धागे में पिरोया जाता है। उसी तरह से मैंने भी मेरे दोस्तों को ढूंढ ढूंढ कर के व्हाट्सएप के बेस्ट फ्रेंड्स ग्रुप के धागे में पिरोया है।
अच्छे और सच्चे दोस्त बहुत ही किस्मत वाले को मिलते हैं। मैं उसमें से एक हूं। दोस्ती वह जो कोई भेदभाव नहीं रखती है। कभी तोड़ी नहीं जाती है। और एक दूसरे के ऊपर अटूट विश्वास रखा जा सकता है।
और एक दूसरे के समय पर काम आए वही सच्चा दोस्त है।, दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है ।
परिवारः परिवार तो हमारा अपना होता है। उसे चुनना नहीं पड़ता है। वह तो भगवान ने हमको दिया है, मां बाप ,भाई, बहन, यह हमारे खून के रिश्ते होते हैं।
मेरे से बड़ा भैया भी मेरा बहुत अच्छा दोस्त था। मगर दोस्ती भगवान का दिया हुआ एक ऐसा तोहफा है, जो भले खून का नहीं रिश्ता ना हो पर उससे भी कहीं बढ़कर होता है, वह विश्वास आपस मेँ, प्यार की डोर का रिश्ता होता है। इसमें हंसना खिलखिलाना एक दूसरे से शरारत करना , मस्ती करना, जरूर पड़ने पर एक दूसरे को सलाह भी देना, और सलाह भी मांगना ,यह सब दोस्ती का ही एक हिस्सा है।
सच्ची दोस्ती नसीब वालों को मिलती है ।और मैं अपने आप को बहुत नसीब दार मानती हूं।
बचपन से मुझे बहुत अच्छे फ्रेंड्स मिले। और मेरी जो बेस्ट फ्रेंड है वह और मैं तो शुरु से साथ हैं।
हमारा तो दीवार के दोनों तरफ खड़े होकर सुबह की चाय से लगाकर पढ़ाई बातें सब वही होती थी बहुत मजे आते थे
रात को पढ़ाई तक सब साथ होता था । और अभी भी हम बराबर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं ।
और दोस्त सब बहुत अच्छे दोस्त हैं फिर बड़े होने पर कॉलेज की छह फ्रैंड्स मिली उनके साथ भी हमारी बहुत अच्छी बेस्ट फ्रेंड वाली दोस्ती है।
ऐसे दोस्त जिनको हम दूर बैठे हुए भी अपनी समस्याओं में बता सकते हैं उनकी समस्या सुनकर सुलझा सकते हैं।
जिसमें कोई स्वार्थ नहीं बहुत बहुत साथ खेले । बहुत गाने गाए बहुत मस्ती करी।
बहुत साथ बिताया और अब साथ नहीं तो फोन पर अपना समय साथ बिताते हैं 1 घंटे से कम का फोन तो हमारा होता ही नहीं।
दोस्त जो समय पर एक दूसरे को मददकरे। एक दूसरे को सही सलाह सब तरह से एक दूसरे की सहायता करते हैं।
और जिसमें कोई दुराव छिपा नहीं है । फिर शादी के बाद
में पति इतने अच्छे दोस्त हैं ,जिसका शब्दों में बयान नहीं कर सकते ।
फिर बच्चे बच्चों की दोस्ती ःउनसे हमने बहुत कुछ सीखा है और उनको बहुत कुछ सिखाया है यह भी अनमोल दोस्ती है ।
दोस्ती के कई मायने होते हैं ।कई अर्थ होते हैं ।और वह सभी मायनों में फिट बैठे वही सबसे प्यारी दोस्ती है।
और वह मुझको नसीब है। मैंने पुराने सभी दोस्तों को 40 साल बाद ढूंढ करके अपना वापस ग्रुप बना लिया है ।व्हाट्सएप फ्रेंड्स बेस्ट फ्रेंड्स ग्रुप ।कभी ऐसा नहीं लगता है कि हम इतने साल बाद मिले हैं। आज भी वह पुरानी वाली ही बात है।
यारियां यारियां हमको जान से प्यारी है अपनी दोस्तों की यारियां।
