बचपन
बचपन
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माँ मेरी जली थी, पापा दिवालिया, तीन भाई बहन । रिश्तेदारों ने स्कूल नहीं भेजा, अपने थे वो सब ।माँ ठीक होकर घर आई ।सिलाई कर घर चलाया बच्चों को सुव्यवस्थित किया। हिम्मत रखी माँ ने। हौसलों की उड़ान ।कामयाब हैं, माँ के बच्चे आज खुश हैं। रखा माँ का पूर्ण विश्वास।
