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हर पल कुछ ...

हर पल कुछ  नया करने का ही भाव हो राह पर सदैव आगे बढ़ने का ही चाव हो जीवन का हर मोड़ बहुत कुछ सिखाता है लहू में उबाल और रवानी का ताव हो। ""अप्रिय""

By विनोद महर्षि'अप्रिय'
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