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.मेरी आंखों...

“ .मेरी आंखों में पढ़ सको तो पढ़ लेना मोहब्बत अपनी बेइंतहा..!! हर एहसास लफ़्ज़ों के तलबगार तो नहीं हुआ करते....!!!! ”

By Pr@Chi P@nDey
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