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आसमाँ वारिद...

आसमाँ वारिद से अटा है आज घटा की अद्भुत 'छटा है आज मंद बयार अरमान जगा रही है यादों से कोई हमे सता रही है।। अप्रिय

By विनोद महर्षि'अप्रिय'
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