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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीर मजदूर असंभव काम तिरंगा पंचशील जिम्मेदार संगठित रहो आर्यावर्त की पावन भूमि पहचानो मजबूत सृष्टि के पोषक श्रु विष्णु जी अनुकरणीय हर क्षण जीवन का पतवार दीवार खेलों में जाते थे हार हित शिक्षित मिसाल अधिकारों की लडाई वंचित दलित संगठित

Hindi संगठित Poems