वर्षोंपरांत मन में छिड़ा आज कोई द्वन्द है रूह होकर भी पास मेरे से बहुत तंग है वर्षोंपरांत मन में छिड़ा आज कोई द्वन्द है रूह होकर भी पास मेरे से बहुत तंग ह...