अपने स्वार्थ के लिए उसको कैद कर दिया, छीनकर आसमान उसका उसे पिंजरा दे दिया, अपने स्वार्थ के लिए उसको कैद कर दिया, छीनकर आसमान उसका उसे पिंजरा दे दिया,