STORYMIRROR

Ashok Goyal

Others

3  

Ashok Goyal

Others

ये दुनिया है , यहाँ ये क़ायदा है ।

ये दुनिया है , यहाँ ये क़ायदा है ।

1 min
13.6K


ये दुनिया है, यहाँ ये क़ायदा है,

किनारे को किनारा काटता है।

तड़प जो खींच लाती है यहाँ तक,

कि इस मिट्टी से रिश्ता पास का है।

फ़क़त यादें ही रह जाती हैं उसकी,

जो निकले घर से, वो कब लौटता है।

कोई तो बात है इस शख्सियत में,

हमें अब शहर सारा जानता है।

नसब है क्या, है रंगो-बू कहाँ की।

ग़ज़ल का अपना लहज़ा बोलता...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन