STORYMIRROR

Sakshi Goel

Others

2  

Sakshi Goel

Others

यादों का पिटारा

यादों का पिटारा

1 min
126

आज फिर चेहरे पर

मुस्कान ने रास्ता टटोला है,

क्योंकि मैने तेरी यादों का

पिटारा खोला है।


वो झूठी तारीफों से भरे

कागज़ों में प्यार छुपा है,

और माफ़ी वाले खतों में

तेरा दर्द देखा है।


तेरी बातों ने हर लम्हा

संजो कर रखा है,

और वो चॉकलेट का रैपर

आज भी सम्भाल कर रखा है।

इन यादों ने मुझे सोचने

पर मजबूर किया है,

कि क्या तूने ये सब उसे भी दिया है ?


Rate this content
Log in