Triveni Mishra
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शिव वंदना
करते विनती शिवजी दर में,
फ़रियाद सभी सबकी सुन के।
कर दे बरसा सुख की धन की,
दुख दूर करो प्रभु हो जन के।।
पर पीर हरो करुणा निधि हो,
सुधरे बिगड़े जीवन सबके।
कल्याण करें सब रोग हरें,
विपदा हर लो शिव जी जग के।।
कुंडलियां
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