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एम के कागदाना

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एम के कागदाना

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त्यौहार किसी भी धर्म का हो

त्यौहार किसी भी धर्म का हो

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त्यौहार कोई भी हो चाहे बेशक

दीवाली ईद गुरु पर्व क्रिसमस का,

भाईचारे का संदेश यह देते

 पाठ पढ़ाते हैं मानवता का,

उत्सव से हमें मिलती ऊर्जा

चाहे भले हो सब पर कर्जा,

मस्ती का त्यौहार है बहाना

इसका नहीं है कोई पैमाना,

रिश्तों को मजबूत बनाते 

एक दूसरे के घर हम जाते,

दिलों को रोशन कर देते

इंद्रधनुषी रंग भर देते,

जाति धर्म को छोड़कर सब

सारे ही त्योहार मनाओ,

बदलाव कोई बुरा नहीं होता

पर्यावरण को भी बचाओ,

परंपरा को मानो बेशक

मगर किसी पर लादो मत,

त्यौहार किसी भी धर्म का हो 

बड़ाई नहीं तो निंदा भी करो मत।



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