STORYMIRROR

एम के कागदाना

Others

2  

एम के कागदाना

Others

त्यौहार किसी भी धर्म का हो

त्यौहार किसी भी धर्म का हो

1 min
406


त्यौहार कोई भी हो चाहे बेशक

दीवाली ईद गुरु पर्व क्रिसमस का,

भाईचारे का संदेश यह देते

 पाठ पढ़ाते हैं मानवता का,

उत्सव से हमें मिलती ऊर्जा

चाहे भले हो सब पर कर्जा,

मस्ती का त्यौहार है बहाना

इसका नहीं है कोई पैमाना,

रिश्तों को मजबूत बनाते 

एक दूसरे के घर हम जाते,

दिलों को रोशन कर देते

इंद्रधनुषी रंग भर देते,

जाति धर्म को छोड़कर सब

सारे ही त्योहार मनाओ,

बदलाव कोई बुरा नहीं होता

पर्यावरण को भी बचाओ,

परंपरा को मानो बेशक

मगर किसी पर लादो मत,

त्यौहार किसी भी धर्म का हो 

बड़ाई नहीं तो निंदा भी करो मत।



Rate this content
Log in