STORYMIRROR

Sanjay Verma

Others

3  

Sanjay Verma

Others

टेसू

टेसू

1 min
318

खिले टेसू 

ऐसे लगते मानों 

खेल रहे हो पहाड़ों से होली।


सुबह का सूरज 

गोरी के गाल 

जैसे बता रहे हो 

खेली है हमने भी होली 

संग टेसू के।


प्रकृति के रंगों की छटा

जो मौसम से अपने आप 

आ जाती है धरती पर 

फीके हो जाते है हमारे 

निर्मित कृत्रिम रंग।


डर लगने लगता है 

कोई काट न ले वृक्षों को

ढक न ले प्रदूषण सूरज को।


उपाय ऐसा सोचे 

प्रकृति के संग हम 

खेल सके होली।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन