STORYMIRROR

Pari P

Others

3  

Pari P

Others

तन्हा चांद

तन्हा चांद

1 min
296

वो रुकता हुआ,

फिर 

चलता हुआ

आहें 

भरता हुआ 

चाँद

तन्हा है,

मेरी तरह 

आसमाँ में

 ये चाँद

रोया है,

रात भर

शायद 

यह भी, 

मेरी तरह 

टूट कर

सुबह हरी दूब में 

मैंने

ओस की बूँदे देखीं थी।

       

 


Rate this content
Log in