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Harshita Dawar

Others

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Harshita Dawar

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सुकून

सुकून

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सुकून के लिए मेहंदी लगवा ली

कच्ची उम्र में मेहंदी लगवाली,

सुकून की तलाश में क्या ना किया,

माँ बाबा इज्ज़त का तकाज़ा किया

सुकून के लिए क्या ना किया,

दूसरों का घरोंदा संभाला।

माँ बाबा भाई बहन को अपना माना

सुकून की लिए क्या ना किया

दुसरे का वंश बढ़ाया ,पर नाम भी उसी का आया।

अपना क्या था वह मेरा नाम तक मेरा ना रहा।

सुकून के लिए क्या ना किया,

बेटे की ख़्वाहिश थी पर बेटी होने पर भी मैं दोषी थी।

 सुकून के लिए क्या ना किया

सुकून ढूंढते ढूंढते अंदर का सुकून बिखर गया।

सुकून का बाँध टूट गया।

सुकून का बाँध टूट गया।


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