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Anshu Awasthi

Others

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Anshu Awasthi

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सुकून

सुकून

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मैंने एक शाम ठहर कर

खुद से पूछा कि ये ज़िंदगी

सुकून क्या है

उसने आहिस्ते से

एक आराम कुर्सी पर

बिठाकर कहा

थोड़ी थोड़ी रोशनी

चाय की प्याली

और ..

और हाथों में मियाज़ी किताब।


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