STORYMIRROR

Ravi k.Pandit

Others

3  

Ravi k.Pandit

Others

सत्य की तलाश में

सत्य की तलाश में

1 min
324

निकलता हूँ रोज़ 

एक ख्वाहिश लिए 

सत्य की खोज में

मैं उसकी तलाश में

मेरे सामने चारों तरफ समुद्र है

डूबता हूँ रोज़ उसमें

मिलने की तलाश में

देखता है जब वो 

पग-पथ पर चलते हुए

मनुष्य को 

ढूंढता है मंजिल

जीने की आस में

हर एक रास्ता सुनाता है

उसकी दास्तान भयभीत मन लिये

छू लूंगा एक दिन उस अंबर को 

बिना पंख लिए 

जो बिछड गये इस पथ पर

ढूंढ़ लूंगा उन्हें सत्य की खोज की तलाश में

कुछ नये साथी होंगे कुछ पुराने

कुछ हमसफ़र समेटे लूंगा 

अपनी बाहों मैं

अर्थियों पर होकर गुजरेगा जब 

मेरा जनाजा 

पहूँँचकर अपनी मंजिल पर

राख बन कर फिर चलूंगा 

लिपट कर तुमसे 

उड़ते हूँए निकलूंगा

सत्य की तलाश में।



Rate this content
Log in