STORYMIRROR

Om Prakash Fulara

Others

2  

Om Prakash Fulara

Others

सोलह श्रृंगार

सोलह श्रृंगार

1 min
403

नव वधू डोली चढ़ी

करके सोलह श्रृंगार

छोड़ा आँगन बाबुल

लेकर सपने हजार।


माथे पे बिंदिया चमक उठी

सजा गले में हार।

बनी पिया की आंखों का तारा

करके सोलह श्रृंगार।


बजी बधाई घर आँगन

छाया हर्ष अपार

नव वधू आँगन में आई

करके सोलह श्रृंगार।


Rate this content
Log in