Pradeepti Sharma
Others
शिकायतों से क्या मिला,
सिर्फ ग़म का अँधेरा,
जो जकड़ता गया धीरे धीरे,
हर एक पल को तुम्हारे,
और तुम यूँ ही बेबसी में,
फिर से शिकायत कर बैठे।
तुम हर मौसम य...
इंदुकला
इन्साफ
एक प्रेम ऐसा ...
वक़्त
जीवंत
सड़क
ठहराव
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धारा