STORYMIRROR

Abhishek Singh

Others

2  

Abhishek Singh

Others

पुरवाई..!

पुरवाई..!

1 min
219

पवन की सर्द पुरवाई हो

झरने की मधुर आवाज़

टहनियों से पत्ते गिरते

बहते मधुर फूलों से सुगंध


स्वर्ग से अप्सरायें आतीं

धरती को करने मलंग

सुंदर मोहक दृश्य बनातीं

बना आसमान में रंगीन तरंग


दुल्हन सी सुंदर बनाती

प्रेम के सारे रंग भर जातीं

ख़ुशियों का बहार लातीं

बसंत का त्योहार लातीं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन