STORYMIRROR

NEERAJ SINGH

Others

3  

NEERAJ SINGH

Others

" पुकार"

" पुकार"

1 min
290


है कौन जो सुने पुकार 

मन शोर करे है बेशुमार

कौन सुने अब फ़रियाद

जब दुश्मन हो गए खुद यार।


लालच ने सब को घेरा है 

हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा है

इंसानियत चीख रही है 

बेईमानों के सिर सहरा है।


मां बहन बेटी अब

घर में हो गई कैद 

यह आजादी पर हमला है

ध्यान रहे नारी अब सबला है ।


घर की बातें अब

हो गईं सरेआम 

भाई भाई का दुश्मन हो गया

दुश्मन हो गया अब दोस्त।


मन की व्यथा कहां कहें

दिल खूब रुदन करता है 

देख दुनियादारी का रंग 

मेरा रंग उड़ता है।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन