सच्चाई और गलत की राह में, किसी एक का साथ चुनने में। नेता ने ना लगाई देर, सच्चाई और गलत की राह में, किसी एक का साथ चुनने में। नेता ने ना लगाई देर,
मानव को समझना हमेशा ही जटिल रहा है, मनुष्य का अपने को सर्वश्रेष्ठ समझने का दंभ भी पहले से ही मजबूती ... मानव को समझना हमेशा ही जटिल रहा है, मनुष्य का अपने को सर्वश्रेष्ठ समझने का दंभ भ...
A poem about changing the centres A poem about changing the centres
नारी सुंदर सपन है, नारी निर्मल मन है। नारी सत्य दर्पण है, नारी सर्वस्व अर्पण है। नारी सुंदर सपन है, नारी निर्मल मन है। नारी सत्य दर्पण है, नारी सर्वस्व अर्पण...
कुर्सी का किस्सा ! कुर्सी का किस्सा !
नारी तू नारायणी तू ही काली कल्याणी नारी तू नारायणी तू ही काली कल्याणी