STORYMIRROR

Nirdosh Jain

Children Stories

4  

Nirdosh Jain

Children Stories

पंछी कहां है तेरा ठिकाना

पंछी कहां है तेरा ठिकाना

1 min
429


  पंछी कहाँ है तुझे उड़ कर जाना 

        बता दे तेरा कहाँ है ठिकाना 

  जहाँ  चुग्ने कॊ मेरा है दाना 

     वहीं है भाई मेरा ठिकाना 

  जहाँ भरता ये पेट  है मेरा 

        .मेरे बच्चों का वहीं है गुजारा 

  वहीं है भाई  मेरा  ठिकाना 

         जहाँ होता है पंछी तेरा गुजारा 

  वहाँ क्या देता है तू जरा बताना 

      मुझे ब्रह्म, विष्णु, महेश का आशीष 

  जहाँ मुझे  मिलेगा मेरा दाना 

     उस घर में रिधि सिद्धि का सदा वास 

  नहीँ कभी  दरिद्रता का आना 

 बीमारियों का नाता वंहा ना रहना 

   नहीँ कभी दवा वहाँ  आना 

       हम चुन दाना करते वहाँ आराम 

   करते त्रिदेव की आराधना 

        इन्हें सदा खुश रखना भगवान 

  मूक प्राणी कॊ मिलता यहां ठिकाना। 


Rate this content
Log in