STORYMIRROR

Bhawna Kukreti Pandey

Others

3  

Bhawna Kukreti Pandey

Others

नेह

नेह

1 min
225


प्रिय

नेह नैना बसे

हिया खिले उल्लास।


अंतस

प्यासी मीन की

मिटी कल्प सी प्यास।



मुदित

ललित मुख चन्द्र से

मद सा  पीयूं  रास।


पिय

सुगंध लिए मन फिरे

बिखरे चहूँ उजास ।



ताली

दे दे सब हंसे

भई संग आग कपास।



अब

कौ जन्म मरण करे,

जग समझावें  व्यास।



Rate this content
Log in