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Ajay Rajpoot

Others

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Ajay Rajpoot

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मुखर विंद मुस्कान हो

मुखर विंद मुस्कान हो

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वाणी सहज मधुर हो मैया

मुखर विंद मुस्कान हो


लोभ मोह माया दरिद्रता

ना कोई अभिमान हो


तेरा व्रत में रखूं

संकल्प यही लेता हूं


दुर्गुण ना मुझको छूए

हर मद को दूर भगाए


तेरी कृपा रहे मैया

ना कोई प्रतिघात हो


वाणी सहज मधुर हो मैया

मुखर विंद मुस्कान हो।


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