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Kishor Zote

Others

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Kishor Zote

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मशीनतंत्र

मशीनतंत्र

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खिलवाड़ मशीन के साथ

या यह खेल मशीन का है।

लोकतंत्र, प्रजातंत्र को छोड

देश मशीनतंत्र हो रहा है।


वोट दो किसी को मशीन पर

चुनकर कोई और आता है।

सोचता रहता है फिर भाई

मेरा वोट किस को जाता है?


बड़ी आशाओं के साथ

नेता अपना चुनते है

न जाने कौन विजेता होता

हार अपनी मान बैठ जाता है


लोकतंत्र, प्रजातंत्र को

अगर सबको बचाना है

हटाओ इवीएम मशीन को

कागज, मोहर की माँग करते है



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