ईमानदारी और इज़्ज़त को , सर्वोपरी रखा है इसीलिए बेइमानी ने , कभी गला नहीं कसा है।। ईमानदारी और इज़्ज़त को , सर्वोपरी रखा है इसीलिए बेइमानी ने , कभी गला नहीं कसा है...
घटते हुए नैतिक मूल्य से इंसानियत शर्मसार हो रही है, इन्ही भावो को समेटे हुए मैंने इस कविता की रचना क... घटते हुए नैतिक मूल्य से इंसानियत शर्मसार हो रही है, इन्ही भावो को समेटे हुए मैंन...
कि हर पाठ तूने ही पढ़ाया है...! कि हर पाठ तूने ही पढ़ाया है...!
लिंगभेद मिटाकर स्त्रियों को, पुरुषों के समान ही मानना है। लिंगभेद मिटाकर स्त्रियों को, पुरुषों के समान ही मानना है।
तो बोल उठेंगी कहानियां मेरी...! तो बोल उठेंगी कहानियां मेरी...!
मां मेरी मां शब्द नहीं जो तेरे मोल को समझा सके। मां मेरी मां शब्द नहीं जो तेरे मोल को समझा सके।