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Vinay Panda

Others

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Vinay Panda

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मेरे अपनें..!

मेरे अपनें..!

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दिन-प्रतिदिन

नित्-रोज तुम आगे बढ़ो..

अपनी इन बूढ़ी आँखों से

जब भी देखूँ तुझे

बेटा जीवन तेरा बुलन्दी पर हो..!



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