STORYMIRROR

Rajkumar Kumbhaj

Others

2  

Rajkumar Kumbhaj

Others

मेरा यक़ीन , मेरी ज़मीन भी

मेरा यक़ीन , मेरी ज़मीन भी

1 min
2.3K


मेरा यक़ीन , मेरी ज़मीन भी

जितना ज्यादा चाहता हूँ मैं

उससे कहीं अधिक ज़्यादा ही

चटखती है वह मेरे जीवन में

वह आग ही है और मेरा यक़ीन भी

और मेरे जीवन की ज़मीन भी .

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन