मैं वादा करती हूँ
मैं वादा करती हूँ
कि मेरी कलम कभी नफ़रत नहीं लिखेगी।
यह हमेशा प्यार, सम्मान, उम्मीद और इंसानियत की बात करेगी।
मैं उन एहसासों को शब्द दूँगी,
जो अक्सर लोग अपने दिल में छुपा लेते हैं।
मैं ऐसी कहानियाँ लिखूँगी,
जिनमें कोई अपने बचपन को ढूँढे,
कोई अपनी माँ को याद करे,
कोई अपनी बेटी पर मुस्कुराए,
और कोई ज़िंदगी को नए नज़रिए से देख सके।
मेरी कोशिश प्रसिद्ध होना नहीं,
बल्कि किसी एक दिल को सुकून देना है।
अगर मेरी एक रचना भी
किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सके,
या किसी की आँखों में उम्मीद जगा सके,
तो यही मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी।
कलम मेरा माध्यम है,
एहसास मेरी पहचान हैं।
– अनु मेहता
✍️ Anu Mehta's Diary
