माँ की गोद ❤️
माँ की गोद ❤️
माँ की गोद ❤️
— अनु मेहता
माँ की गोद कोई साधारण जगह नहीं होती,
वह दुनिया की सबसे सुरक्षित पनाह होती है।
जहाँ थका हुआ मन सुकून पाता है,
और रोती हुई आँखों को मुस्कुराने की वजह मिल जाती है।
माँ की गोद में सिर रखते ही,
सारी परेशानियाँ जैसे कहीं खो जाती हैं।
वह बिना कुछ कहे हमारे दर्द को समझ लेती है,
और बिना किसी शर्त के अपना प्यार लुटा देती है।
बचपन में जब हम गिरते थे,
तो माँ की गोद ही हमारी पहली दवा बनती थी।
और बड़े होने के बाद भी,
जब ज़िंदगी ठोकर देती है,
तब सबसे पहले उसी गोद की याद आती है।
कहते हैं कि स्वर्ग बहुत सुंदर होता है,
पर जिसने माँ की गोद में सुकून पाया हो,
उसे किसी और स्वर्ग की तलाश नहीं रहती।
यदि इस दुनिया में प्रेम का सबसे पवित्र रूप है,
तो वह माँ की गोद है—
जहाँ न कोई शिकायत होती है,
न कोई शर्त,
बस अपनापन, ममता और अनंत प्रेम होता है।
माँ की गोद उम्र नहीं देखती,
चाहे बेटा पाँच साल का हो या पचास का,
माँ के लिए वह हमेशा उसका बच्चा ही रहता है।
आज भी जब ज़िंदगी बहुत थका देती है,
तो दिल बस एक ही दुआ करता है—
"काश... एक बार फिर माँ की गोद मिल जाए।" ❤️
– अनु मेहता
✍️ Anu Mehta's Diary
"माँ की गोद वह जगह है, जहाँ दुनिया की हर बेचैनी आकर सुकून बन जाती है।" 🌸
