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Anu Mehta

Others

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Anu Mehta

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मैं लिखूँगी...

मैं लिखूँगी...

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जब दिल खुश होगा, तब भी लिखूँगी।
जब दिल उदास होगा, तब भी लिखूँगी।
जब कोई साथ होगा, तब भी लिखूँगी।
जब कोई साथ नहीं होगा, तब भी लिखूँगी।

क्योंकि मेरी कलम सिर्फ़ शब्द नहीं लिखती,
वह मेरी आत्मा की आवाज़ है।

मैं प्रसिद्धि के लिए नहीं,
सच्चाई के लिए लिखूँगी।

मैं तालियों के लिए नहीं,
दिलों तक पहुँचने के लिए लिखूँगी।

अगर मेरे शब्द किसी एक इंसान के चेहरे पर मुस्कान ला दें,
किसी माँ को अपनी बेटी की याद दिला दें,
या किसी टूटे हुए दिल को थोड़ी-सी उम्मीद दे दें,

तो यही मेरी सबसे बड़ी जीत होगी।

– अनु मेहता
✍️ Anu Mehta's Diary


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