मेरा अकड़ू... सिर्फ़ मेरा... ❤️
मेरा अकड़ू... सिर्फ़ मेरा... ❤️
कहते हैं कि हर किसी की ज़िंदगी में
कोई एक ऐसा इंसान ज़रूर होता है,
जिसे देखकर दिल मुस्कुराने लगता है।
मेरी ज़िंदगी में वो इंसान...
तुम हो, मेरा अकड़ू।
तुम्हें शायद कभी एहसास भी न हो
कि तुम्हारी एक छोटी-सी मुस्कान
मेरे पूरे दिन को खूबसूरत बना देती है।
तुम्हारा यूँ अकड़कर बात करना,
बात-बात पर मुझे छेड़ना,
कभी बिना वजह रूठ जाना,
और फिर ऐसे जताना जैसे तुम्हें कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता...
यही तो तुम्हारी सबसे प्यारी आदतें हैं।
पता है...
तुम्हें देखकर कभी-कभी दिल कहता है,
काश समय यहीं रुक जाए...
और मैं बस तुम्हें देखती रहूँ।
तुम्हारे साथ बिताया हर पल
मेरी ज़िंदगी की सबसे कीमती याद है।
तुम्हारी आवाज़,
तुम्हारी हँसी,
तुम्हारी आँखें,
और तुम्हारी मासूमियत...
सब कुछ मेरे दिल में बसा हुआ है।
मुझे तुमसे कोई महंगे वादे नहीं चाहिए,
न चाँद चाहिए,
न तारे चाहिए।
बस इतना चाहिए कि
जब कभी तुम मुस्कुराओ,
उस मुस्कान की वजह मैं बनूँ।
जब कभी तुम उदास हो,
तो तुम्हें मेरा साथ याद आए।
जब कभी तुम हार मानने लगो,
तो मेरी बातें तुम्हें हिम्मत दें।
और जब कभी तुम प्यार का मतलब समझो,
तो तुम्हें सबसे पहले मेरा नाम याद आए।
तुम्हें पता भी नहीं होगा,
लेकिन मैं हर रोज़
तुम्हारे लिए दुआ करती हूँ।
तुम्हारी खुशियों के लिए...
तुम्हारी कामयाबी के लिए...
और उस दिन के लिए,
जब शायद तुम मेरी आँखों में देखकर कहो—
"तुम्हारे बिना मेरी दुनिया अधूरी है।"
मैं तुम्हें बदलना नहीं चाहती,
क्योंकि मुझे तुम्हारा हर रूप पसंद है।
तुम्हारा गुस्सा...
तुम्हारी ज़िद...
तुम्हारा Attitude...
और तुम्हारा वो अकड़ू-सा अंदाज़,
जिस पर शायद मेरा दिल पहली बार हार गया था।
अगर मोहब्बत इबादत है,
तो मेरी हर इबादत में तुम हो।
अगर मोहब्बत इंतज़ार है,
तो मेरी हर शाम तुम्हारे इंतज़ार में गुज़रती है।
अगर मोहब्बत दुआ है,
तो मेरी हर दुआ में तुम्हारा नाम लिखा है।
और अगर मोहब्बत का मतलब
पूरी ज़िंदगी किसी एक इंसान का साथ चाहना है...
तो हाँ,
मैं तुमसे मोहब्बत करती हूँ।
इतनी कि शायद शब्द भी कम पड़ जाएँ...
इतनी कि शायद पूरी उम्र भी कम पड़ जाए...
तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो,
मेरे सबसे प्यारे हमसफ़र का सपना हो,
मेरी जान हो,
मेरी शान हो,
और मेरे दिल की सबसे खूबसूरत धड़कन हो।
मेरे अकड़ू...
अगर कभी मेरी ज़िंदगी की आख़िरी ख़्वाहिश पूछी जाए,
तो मैं सिर्फ़ इतना कहूँगी—
"हर जन्म में तुम्हें ही चाहूँ,
हर जन्म में तुम्हारा ही इंतज़ार करूँ,
और हर जन्म में तुम्हें ही अपना 'अकड़ू' कहकर पुकारूँ।" ❤️🌹
— Anu Mehta's Diary ✍️
