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Anjali Singh

Abstract


3.5  

Anjali Singh

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मैं एक नारी हूँ

मैं एक नारी हूँ

1 min 143 1 min 143

मैं एक नारी हूँ

बहती हवा सी हूँ मैं

एक पल में सुकून दे जाऊँ सब को

तो वहीं दूसरे पल सब उड़ा ले जाऊँ सब कुछ

मैं एक नारी हूँ


फूलों की तरह नाज़ुक भी हूँ

तो पत्थर की तरह कठोर भी हूँ

बड़े से बड़ा गुनाह भी माफ कर जाऊँ

खुद में सुधार के लिए व्यक्ति तत्पर हो तो

मैं एक नारी हूँ


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