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Sunil Kumar

Others

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Sunil Kumar

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मां अंबे हम भक्त तुम्हारे

मां अंबे हम भक्त तुम्हारे

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मां अम्बे हम भक्त तुम्हारे बेआस-बेसहारे

लो हम तो आ गए मां अब शरण में तुम्हारे

मां अम्बे हम भक्त तुम्हारे।


मुफलिस गरीब हम हैं औकात क्या हमारी

आन पड़ी है हम पर आज विपदा भारी 

मझधार में फंसे हैं मिलते नहीं किनारे 

मां अम्बे हम भक्त तुम्हारे।


तेरी दया से चलती है दुनिया सारी

इक तुम ही हो दाता सारा जग है भिखारी

हम पर दया जो कर दो बन जाए बिगड़ी हमारी।


मां अम्बे हम भक्त तुम्हारे बेआस-बेसहारे

लो हम तो आ गए मां अब शरण में तुम्हारे

मां अम्बे हम भक्त तुम्हारे।


दर से तेरे न लौटा कोई ले‌कर झोली खाली

हम पर दया जो कर दो बन जाए बिगड़ी हमारी 

विनती मेरी भी सुन लो बस इतनी अरज हमारी

दर पर तेरे खड़ा हूं लेकर झोली खाली

झोली मेरी भी भर दो मां पहाड़ावाली‌।



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